बीते कुछ दिनों से लगातार सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने 14 वर्षीय सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर अस्मित गौतम पर फिर दर्ज की है लगातार सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने इस विषय पर वीडियो बनाएं साथ ही एक पर अस्मित के समर्थन में लंबे-लंबे लेख लिखे गए राजनीतिक कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कंटेंट क्रिएटरों और आम लोगों ने सोशल मीडिया पर अस्मित गौतम पर दर्ज करने की आलोचना की और विरोध जताया लेकिन अभी यह जानकारी निकाल कर सामने आई है कि अस्मित गौतम पर एफआईआर दर्ज होने की खबर गलत है उत्तर प्रदेश पुलिस ने अस्मित गौतम पर किसी भी प्रकार की कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है आज के इस लेख में जानिए कैसे वायरल हुई अस्मित गौतम पर FIR की फर्जी खबर -
अस्मित गौतम कंटेंट क्रिएटर
कौन है अस्मित गौतम?
दलित समुदाय से आने वाले 14 वर्षीय कंटेंट क्रिएटर अस्मित गौतम इंस्टाग्राम पेज चलते हैं इंस्टाग्राम पर उनके 22 लाख से अधिक फॉलोअर हैं जिस पर वह बहुजन और दलित साहित्य से संबंधित बातें रखते हैं साथ ही वह एक बहुजन चिंतक की तरह कंटेंट भी बनाते हैं जिस पर वह निजी मत भी प्रसारित करते हैं अस्मित मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले हैं।
अस्मित पर FIR का पूरा सच-
दरअसल बीते दिनों अस्मित गौतम ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर एक वीडियो बनाई जिस पर उन्होंने हिंदू देवी देवताओं के चेहरों पर कुछ कार्टून कैरक्टरों की तस्वीर चिपकाई गई थी जिसको लेकर कुछ हिंदू संगठनों ने भावना आहत होने की शिकायत उत्तर प्रदेश पुलिस से की थी इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने अस्मित को थाने बुलाया था किंतु अस्मित पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई लेकिन अस्मित के भाई का शांति भंग के आरोप मे चालान कर दिया गया इसके बाद अस्मित ने दो-तीन दिनों तक सोशल मीडिया पर कोई वीडियो नहीं बनाई और धीरे-धीरे FIR की फर्जी खबर पूरे सोशल मीडिया पर वायरल हो गई बड़े-बड़े नेताओं ने भी बिना किसी पुख्ता सबूत के अस्मित पर FIR की खबर को सोशल मीडिया पर लिखा।
इस खबर के वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह जानकारी दी कि कंटेंट क्रिएटर अस्मित गौतम पर किसी भी तरीके की कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है उन्हें थाने बुलाया गया था और समझ कर वापस घर भेज दिया गया है।
घटनाक्रमों के बाद अस्मित गौतम सामने आए और उन्होंने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में बताया कि उन पर कोई FIR दर्ज नहीं की गई है लेकिन उनके भाई का शांति भंग की धारा में चालान जरूर किया गया है उन्होंने खुद को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया है।
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नोट- कंटेंट क्रिएटर अस्मित गौतम भाई पर शांति भंग की धारा में चालान किया गया है अन्यथा नहीं हम इस बात की पुष्टि नहीं करते हैं उत्तर प्रदेश पुलिस ने ऐसी कोई जानकारी नहीं दी है किंतु अस्मित गौतम ने यह बताया है कि उनके भाई का शांति भंग की धारा में चालान किया गया है।
